किसी को भी मनाने के लिए जानें चाणक्य की वशीकरण नीति

आचार्य चाणक्य अपनी एक नीति से किसी को भी अपने वश में कर लेते थे। इस तरह चाणक्य चतुराई और बुद्धिमानी सेअपनी बात किसी से भी मनवा लेते थे। चाणक्य की ये नीति आप समझ लेंगे तो आप भी किसी व्यक्ति को वश में कर सकते हैं और अपनी बात लोगों से मनवा सकते हैं। जानिए चाणक्य की नीति…

आचार्य चाणक्य कहते है-
लुब्धमर्थेन गृह्णीयात् स्तब्धमंजलिकर्मणा।

मूर्खं छन्दानुवृत्त्या च यथार्थत्वेन पण्डितम्।।
इस श्लोक में उन 4 प्रकार के लोगो का वर्णन किया है और उन्हें वश में कैसे करना है ये बताया है आईये जानते है की किन लोगो को कैसे वश में किया जाए..

1:- लालची: लालची स्वभाव के व्यक्तियों को तो आप जानते ही होंगे, कपट से भरे लालची लोग अपने लालच को पाने के लिए हर हद को पार करने की कोशिश करते है। लालच के भी प्रकार होते है, किसी को धन का लालच होता है तो किसी को वस्तुओ का लालच होता है।

आप भी ऐसे लोगो से जीवन में कही न कही मिले तो होंगे ही, जब उनको आपसे कुछ चाहिए होता है तो वो आपसे मीठी-मीठी बाते करने लगते है और आपके हर काम को करने में मदद भी करते है. जब तक उनको आपसे जो चाहिए मिल नहीं जाता वो आपकी गुलामी भी करने लगते है.हां,आचार्य चाणक्य कहते है लालची लोगों को धन देकर वश में किया जा सकता हैऔर उसमे भी आपको उनको एक ही बार सबकुछ नहीं देना होता है.लालची व्यक्ति को थोडा-थोडा करके देकर उसे वश में किया जा सकता है,क्यूंकि लालची को अगर आपसे एकही बार में सबकुछ मिलजायेगा तो बाद में वो आपकी तरफ देखेगा भी नहीं और ना आपकी कभी बात मानेगा.

2:- अहंकारी: आचार्य चाणक्य ने अहंकारी लोगो को भी वश में करने का तरिका बताया है. अहंकारी तो अहंकारी होता है, उसे उसके पास जो कुछ भी होता है उसपे उसे अहंकार होता है. ऐसे लोगो का अहंकार तोड़ने पर वो आपके कुछ कामके नहींरह जायेंगे, वो आपको ही दुश्मन मानने लगेंगे, और फिर आपके लिए मुश्किल बन सकते है. अतः ऐसा नहीं करना चाहिए.पंजाब के वशीकरण विशेषज्ञ का कहना है कि अहंकारी आदमी को आप उसकी तारीफ करकर या उसको हाथ जोड़कर ही वश में कर सकते है.अहंकारी मनुष्य हमेशा स्वयं की तारीफ का भूखा होता है.जो उसकी तारीफ करते है वो उनकी बात तुरंत मानलेता है.अतः चाणक्य कहते है अहंकारी व्यक्ति से दुश्मनी नहीं करनी चाहिए क्योंकि अहंकार के आवेश में आकर वो आपके साथ बुरा व्यव्हार कर सकता है इसलिए उससे हमेशा बचे।

3:- मुर्ख: मुर्ख व्यक्ति उसे कहते है जिसे न समाज का ज्ञान होता है ना स्वयं के हितो का ज्ञान होता है.वो बिना विचार करे ही कुछ भी बोलने लगता है और नासमझ की तरह किसी के भी विषय में अभद्र टिपण्णी करने लगता है.मुर्ख व्यक्ति हमेशा मार्ग से भटकते रहते है और छोटी-छोटी भूल करके बड़ी-बड़ी परेशानी में फस जाते है, और जीवन में हमेशा असफलता का शिकार बनते रहते है.आचार्य चाणक्य कहते है मुर्ख व्यक्ति को अगर कोई उपदेश देने वाला मिलजाता है तो वो उसके वश में ही काम करने लगता है.पटियाला के वशीकरण विशेषज्ञ कहते है कि मुर्ख को बार-बार उपदेश देने के पश्चात भी वो गलती करता रहता है और बार-बार उपदेश लेने भी आजाता है.ऐसे समय में जो उसके हित की बात करके उसे कठोर भाषा में उपदेश देता है वो उसके वश में हो जाता है और उस उपदेश देने वाले की बातो को मानने लगता है।

4:- विद्वान व्यक्ति: आप सभी को अचंबा हो रहा होगा कि भले विद्वान और ज्ञानी व्यक्ति को कोई कैसे वश में कर सकता है.वैसे तो ज्ञानी लोग ही दूसरों को वश में करते है और वो ही सच्चे राज्यकर्ता होते है, तो महाज्ञानी चाणक्य जो स्वयं एक विद्वान थे उन्होंने इसका हल भी बताया है. ज्ञानी लोगो को हमेशा सत्य की चाह होती है वो हमेशा सच्चाई को ही पसंद करते है और उसका साथ देते है, तो विद्वान लोगों को अगर वश में करना है, आपको उनसे हमेशा सत्य ही बोलना होगा.जैसे आप कोई अख़बार पढ़ते है अगर वो अख़बार हमेशा झूठी खबरे छपने लगता है तो उसे समझदार लोग पढना बंद करदेते है, लेकिन अगर कोई अख़बार हमेशा सत्य खबरे पुष्टि के साथ बताता है तो ज्ञानी लो ऐसे अख़बार पर आख मुंद करके भरोसा करने लगते है और कभी वो अखबार गलती से झूठी खबर भी छापदेता है. वो बड़े से बड़े ज्ञानी भी उसे सत्य मान लेते है, उसीतरह ही अगर आप किसी ज्ञानी व्यक्ति को हमेशा सत्य बोलेंगे तो वो आपके वश में हो जायेगा. वो आपकी कही गयी हर बात को सत्य समझकर ही आपको सुनने लगेगा।

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